मैदान का हारा हुआ इंसान अपनी अगली लड़ाई जीत सकता है, लेकिन मन का हारा हुआ इंसान अपनी जिंदगी की कोई भी लड़ाई नहीं जीत सकता।

कामयाब होने के लिए महत्वपूर्ण है कि आप में “कामयाब होने की इच्छा” नाकामयाब होने के भय से ज्यादा हो।