वक़्त होता ही है ‎बदलने के लिए,

ठहरते तो बस लम्हें है

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कोशिश करेंगे रोज़, एक दिन सीख जाएंगे,

हसने दो उनको आज, वही ताली बजायेंगे।

कल तक उड़ती थी जो मुँह तक, आज पैरों से लिपट गई…

चंद बुँदे क्या बरसी बरसात की, धूल की फ़ितरत ही बदल गई ।

समय

समय गूंगा नहीं बस मौन है,

वक्त पर बताता है किसका कौन है!

Love your love ones 

‘गुफ्तगू’ करते रहिये,

थोड़ी थोड़ी अपने चाहने वालों से…

 

 

‘जाले’ लग जाते हैं,

अक्सर बंद मकानों में…..

Don’t wait 

ताकत अपने लफ़्ज़ों में डालों, आवाज़ में नहीं,

क्योंकि फसल बारिश से उगती है, बाढ़ से नही।

मुनासिब फासला रखिये, मेरा ये तुजुर्बा है;
बहुत नज़दीकियों में भी, घुटन महसूस होती है!

शामिल थे जिंदगी में कुछ सस्ते लोग,बस सबक ज़रा महँगा देकर चले गये

मैदान का हारा हुआ इंसान अपनी अगली लड़ाई जीत सकता है, लेकिन मन का हारा हुआ इंसान अपनी जिंदगी की कोई भी लड़ाई नहीं जीत सकता।

कामयाब होने के लिए महत्वपूर्ण है कि आप में “कामयाब होने की इच्छा” नाकामयाब होने के भय से ज्यादा हो।